भारत की विकास दर 7.1 फीसदी पर रहेगी स्थिर

संयुक्त राष्ट्र के एशिया एवं प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (यूएनइस्केप) के भारत की विकास दर इस साल 7.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने और अगले साल बढ़कर 7.5 प्रतिशत पर पहुँच जाने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। यूएनइस्केप की आज यहाँ जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के कारण पिछले साल के अंत में और इस साल के आरंभ में अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। नकदी की कमी के कारण औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरी के भुगतान और कच्चे माल की खरीद में देरी हुई लेकिन अब अर्थव्यवस्था वापस पटरी पर लौट रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद यदि सुधार की रफ्तार में कमी आती है तो नकद पर निर्भर क्षेत्रों और कृषि क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें सरकार द्वारा बजट में घोषित सस्ती आवास योजना, कृषि क्षेत्र के लिए ज्यादा राहत पर फोकस और छोटे उद्यमों के लिए वित्त उपलब्ध कराने के उपायों को रेखांकित किया गया है। इसमें कहा गया है कि भले ही तत्काल नोटबंदी से व्यवस्था चरमराई हो, लेकिन मध्यम अवधि में इससे बैंकों में तरलता बढ़ेगी।

इसके साथ ही वस्तु एवं सेवा कर, दिवालिया कानून और फार्माशूटिकल, रक्षा और नागरिक उड्डयन क्षेत्र में निवेश उद्यान बनाने जैसे हाल में किये गये सुधारों से भी मध्यम अवधि में देश के आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

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