यूपी के सिद्धार्थनगर के एक गांव ने ऐसी मिसाल पेश की है जिससे सबको सीख लेनी चाहिए .. उत्तरप्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में गिना जाने वाला सिद्धार्थनगर जिले का एक गांव देश का पहला जिओग्राफिकल इन्फार्मेशन देने वाला गावं बन गया है..

मोदी सरकार पूरे देश को डिजिटल इंडिया बनाना चाहती है.. औऱ इसी कड़ी में सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलो मीटर दूर भनवापुर ब्लाक का हसुड़ी औसानपुर का गांव इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है.. दरअसल इस गावं में हर तरीके की सुविधा उपलब्ध है.. वाईफाई से लेकर सीसीटीवी कैमरे तक.. बिजली से लेकर साफ सफाई का पूरा ध्यान रखकर गांव को शहर की तरह बनाने की कोशिश की गई है.. ये गांव देश का पहला जिओग्राफिकल इन्फार्मेशन देने वाला गावं बन गया है.. इस गांव का हर एक मकान और उसके लोगों का डेटा वेबसाइट पर उपलब्ध है.. नेपाल बॉर्डर से लगे इस गांव का अपना डिजिटो मैप औऱ वेबसाइट है। गांव की हर जानकारी सिर्फ एक लिंक से प्राप्त की जा सकती है.. खास बात ये है कि गांव को बेहतर बनाने की प्रेरणा गुजरात के ही गांव पुंसरी से मिली है.. गावं को इतना हाइटेक बनाने में गांव के लोगो की भागेदारी भी बढ चढ़कर रही है.. और गावं में सभी सुविधाओं को देखकर यंहा लोग भी काफी खुश हैं..

उत्तरप्रदेश के इस गांव ने लोगों के लिए एक मिसाल पेश की है.. कि इंसान मे अगर हौसला हो तो उसके सपने जरूर सकार होते है.. सीमित संसाधनों मे ग्राम प्रधान और लोगों ने गांव को हाईटेंक बनाकर जनप्रतिनिधियो के लिए एक सबक पेश किया है..

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