महाराष्ट्र सरकार ने नहीं चुकाए गए बैंकों के फसल ऋण की वास्तविक राशि की गणना और ऋण लेने वालों किसानों की संख्या पता करने के लिए एक समिति गठित कर दी है.. समिति ऐसे समय गठित की गई जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के किसानों के आंदोलन के बीच 31 अक्तूबर तक फसल ऋण माफी योजना का आश्वासन दिया था..

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में चल रहा किसान आंदोलन लगातार बढ़ा होता जा रहा है.. लगातार किसान खुदकुशी करते जा रहे हैं.. एक किसान ने तो खुदकुशी से पहले राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिख कर कहा कि उसका अंतिम संस्कार ना किया जाए बल्कि उसके दोस्तों का कर्ज माफ कर दिया जाए.. किसानों के इस आंदोलन के बाद से देवेंद्र फडणवीस सरकार बैकफुट पर है..

राज्य में खुदकुशी का आंकड़ा बढ़ने के बाद अब महाराष्ट्र सरकार 1 करोड़ से ज्यादा किसानों की कर्ज माफी का फैसला कर सकती है.. कहा जा रहा है कि इसका ऐलान 31 अक्टूबर को हो सकता है..

बता दे कि महाराष्ट्र के किसानों ने फसल खराब होने की वजह से कर्ज माफी तथा एमएसपी की गारंटी सहित उनकी कई मांगो के लिए एक जून को आंदोलन शुरू किया था.. महाराष्ट्र के किसानों ने देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ ‘किसान क्रांति’ नाम से आंदोलन शुरु किया.. फिलहाल किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन जारी रखेंगे..

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